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दिसंबर के अंत तक मिल सकता है पहला मेड इन इंडिया सुपर कंप्यूटर, नेशनल नॉलेज नेटवर्क बनाने में मदद मिलेगी


नई दिल्ली44 मिनट पहले

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अभी देश में तीन सुपर कंप्यूटर लगे हुए हैं। इन सुपर कंप्यूटर्स को असेंबल किया गया है।

  • NSM के तहत देश में सुपर कंप्यूटर्स का जाल बिछाना चाहती है सरकार
  • देश में ही बनाए जा रहे हैं स्वदेशी सुपर कंप्यूटर के लिए सभी पार्ट्स
  • नेशनल नॉलेज नेटवर्क बनने से जटिल समस्याएं सुलझाने में मदद मिलेगी

इस साल के अंत में भारत के नाम एक और उपलब्धि जुड़ सकती है। इस उपलब्धि का नाम मेड इन इंडिया सुपर कंप्यूटर है। मौजूदा समय में देश में सुपर कंप्यूटर असेंबल किए जा रहे हैं। इन सुपर कंप्यूटर्स के पार्ट दूसरे देशों से आयात किए जाते हैं। सरकार इस धारणा को बदलकर इस साल के अंत तक देश का पहला मेड इन इंडिया सुपर कंप्यूटर बनाना चाहती है।

पार्ट्स की आपूर्ति के लिए 14 संस्थानों के साथ MoU

पहले मेड इन इंडिया सुपर कंप्यूटर के लिए पार्ट्स की आपूर्ति करने के लिए सरकार ने 14 संस्थानों के साथ मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) साइन किया है। इसमें IITs, NITs, नेशनल लैब और IISER शामिल हैं। यह संस्थान अपना इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करके सुपर कंप्यूटर के पार्ट्स बनाएंगे। MoU के तहत यह संस्थान घरेलू सर्वर बोर्ड की डिजाइन और डेवलपमेंट, इंटरकनेक्ट प्रोसेसर, सिस्टम सॉफ्टवेयर लाइब्रेरी और स्टोरेज की आपूर्ति करेंगे।

नेशनल नॉलेज नेटवर्क बनाना चाहती है सरकार

नेशनल सुपर कंप्यूटिंग मिशन (NSM) के तहत सरकार देश में सुपर कंप्यूटर्स का जाल बिछाना चाहती है। इससे नेशनल नॉलेज नेटवर्क (NKN) बनाने में मदद मिलेगी। इस नेटवर्क के बनने के बाद करीब 75 संस्थानों और हजारों रिसर्चर्स को फायदा होगा। NKN से जुड़ने के बाद रिसर्चर्स को एजुकेशन, इंडस्ट्री, कॉमर्स, स्पेस, मौसम पूर्वानुमान, तेल खोजी अभियान और दवाओं की खोज से जुड़ी समस्याएं सुलझाने में मदद मिलेगी।

यहां लग सकते हैं मेड इन इंडिया सुपर कंप्यूटर

देश में विकसित और निर्मित किए जाने वाले सुपर कंप्यूटर इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) मुंबई, IIT चेन्नई, इंटर यूनिवर्सिटी एक्सेलरेटर सेंटर दिल्ली और CDAC पुणे में लगाए जा सकते हैं।

अभी देश में तीन सुपर कंप्यूटर

नेशनल नॉलेज नेटवर्क के तहत अभी देश में तीन सुपर कंप्यूटर लगाए गए हैं। अन्य सुपर कंप्यूटर दिसंबर 2020 से लगाए जाएंगे। इन तीनों सुपर कंप्यूटर्स को भारत में ही असेंबल किया गया है। देश में पहला सुपर कंप्यूटर परम सिवाय पिछले साल IIT वाराणसी में लगाया गया था। इसके बाद दो अन्य सुपर कंप्यूटर IIT खड़गपुर और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (IISER) पुणे में लगाए गए थे।

अप्रैल 2021 में पूरा होगा NSM का दूसरा चरण

NSM का दूसरा चरण अप्रैल 2021 में पूरा होगा। इससे देश में सुपर कंप्यूटर नेटवर्क की स्पीड बढ़कर 16 पेटाफ्लॉप्स पर पहुंच जाएगी। इस अवधि में 8 और संस्थान सुपर कंप्यूटिंग क्षमता से जुड़ जाएंगे। तीसरे फेस में सुपर कंप्यूटर नेटवर्क की स्पीड बढ़कर 45 पेटाफ्लॉप्स पर पहुंच जाएगी। NSM के पूरा होने पर करीब 75 संस्थान और हजारों रिसर्चर्स की NKN के माध्यम से सुपर कंप्यूटर्स तक पहुंच हो जाएगी।



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